Wednesday, November 28, 2012

Shelab jab behane laga ashqo ka ...






उनका प्यार मेरा खुदा बन गया ...
उनका आना मुझे ज़िन्दगी दे गया।

रोता देख मुझे, वो कहने लगे , 

ऐ- मेरी मलिका !, तू रोया न कर कभी ...
अश्को में तेरे में बहने लगता हु, 
मेरा अपना वजूद खोने लगता हु, 

उनकी ये बात सुनके मैं  कुछ न कह पाई ...

हसना चाहती थी !
पर सिवाए रोने के , और कुछ न कर पाई ....
सह्लाब यु बेहने लगा मेरे अश्को का  
दिल से बस ये आवाज आई ....

मेरे खुदा , मेरे सनम ... 
ना रोयेगे हम कभी ...
गर जो तू आसू बन जाए ....
मेरे आखो में समां जाए ...
कसम है तेरे प्यार की ....
जाने न देंगे तुझे कभी।।




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