Friday, January 4, 2013

Wo Tasveer Banana Chahta tha meri ....





वो तस्वीर बनाना चाहता  था मेरी ....
वो मुझे बस देखा करता था कभी।।।। 
आखो में भर लेता मेरी हंसी, 
पढ़ लिया करता था वो , मेरे आखो की नमी
एक हरकत अखियो की होती , वो जान लेता पूरी कहानी मेरी ! 

वो  तस्वीर बनाना चाहता था मेरी 
रंगों को खोजता रहता, 
कभी फूलो के पास जाता, 
कभी इन्द्रधनुष से रंग मांगता ! 

वो  तस्वीर बनाना चाहता था मेरी 
दीवाना वो , नदियों की  उमंग डालना चाहता था वो 
तितलियो सी मस्ती भरना चाहता था वो ...
हंसी फूलो सी लगती उससे, 
वो तारीफ करना चाहता था मेरी ! 

वो  तस्वीर बनाना चाहता था मेरी 
हथेली पे, वो अपना नाम लिखना चाहता था मेरी 
सोचा करता , काली खता कहा से लाऊ????
जो  तेरे बालो को दर्शा सके 
मैं वो पहेली बारिश की बूंद कहा से लाऊ??
जो माथे की बिंदी बन सके तेरे ! 

पागल था वो दीवाना था वो, 
एक तस्वीर बने थी उसने मेरी 
मुझे खुदसे प्यार करना सिखाया था उसने, 
वो आखे कहा से लाऊ , 
वो तस्वीर बनाने वाला , मैं कहा से लाऊ???
वो आखे मैं कहा से लाऊ?????


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