Friday, January 4, 2013

Khali Panno ki dastan

खाली पन्नो की दास्ताँ कोण सुनाएगा 
जो लिखा नहीं गया आज तक, 
वो कोण पढ़ पायेगा 

एक कहानी फिर भी है वह, 
जो लिखी नही गई 
जो समजी नहीं गई 
सुने नहीं गई 
देखि नहीं गई 
एक कहानी फिर भी है वह!

ख़ामोशी की आवाज 
संगीत के सुर 
रात के लिए अँधेरा 
सुभह के लिए रौशनी कहा से लाऊ?
जो जिसका मालिक है , उसके लिए सौगात कहा से लाऊ ! 

भरदो काली स्याही से आसमान तोह क्या 
भरदो ख़ामोशी को भी शोर से तोह क्या 



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