खाली पन्नो की दास्ताँ कोण सुनाएगा
जो लिखा नहीं गया आज तक,
वो कोण पढ़ पायेगा
एक कहानी फिर भी है वह,
जो लिखी नही गई
जो समजी नहीं गई
सुने नहीं गई
देखि नहीं गई
एक कहानी फिर भी है वह!
ख़ामोशी की आवाज
संगीत के सुर
रात के लिए अँधेरा
सुभह के लिए रौशनी कहा से लाऊ?
जो जिसका मालिक है , उसके लिए सौगात कहा से लाऊ !
भरदो काली स्याही से आसमान तोह क्या
भरदो ख़ामोशी को भी शोर से तोह क्या
जो लिखा नहीं गया आज तक,
वो कोण पढ़ पायेगा
एक कहानी फिर भी है वह,
जो लिखी नही गई
जो समजी नहीं गई
सुने नहीं गई
देखि नहीं गई
एक कहानी फिर भी है वह!
ख़ामोशी की आवाज
संगीत के सुर
रात के लिए अँधेरा
सुभह के लिए रौशनी कहा से लाऊ?
जो जिसका मालिक है , उसके लिए सौगात कहा से लाऊ !
भरदो काली स्याही से आसमान तोह क्या
भरदो ख़ामोशी को भी शोर से तोह क्या
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